Friday, 21 February 2020

शख्सियत" दमदार होती है तब "दुश्मन" बनते हैं...


शख्सियत" दमदार होती है तब "दुश्मन" बनते हैं...

वरना "कमजोरो" से तो लोग "सहानुभूति" रखते हैं ...


मुस्कराता फिर रहा है सुबह से वो शहर में,

शाम को सारी उदासी अपने घर ले जाएगा..!!


सोचता हूँ कि अंजामे-सफर क्या होगा
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लोग भी कांच के हैं .. राह भी पथरीली है

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