Saturday, 31 October 2020

die empty:

****It's a forwarded post***

Die empty

The most beautiful book to read is "Die Empty" by Todd Henry. The author was inspired and got this idea of writing ​​this book while attending a business meeting. 
When the director asked the audience: "Where is the richest land in the world?"
One of the audience answered: "Oil-rich Gulf states." 
Another added: "Diamond mines in Africa."
Then the director said: "No it is the cemetery. Yes, it is the richest land in the world, because millions of people have departed/died and they carried many valuable ideas that did not come to light nor benefit others. It is all in the cemetery where they are buried."
Inspired by this answer, Todd Henry wrote his book, "Die empty .
The most beautiful of what he said in his book is: "Do not go to your grave and carry inside you the best that you have.
 Always choose to die empty.
The TRUE meaning of this  expression, is to die empty of all the goodness that is within you. Deliver it to the world, before you leave.
If you have an idea perform it.
If you have knowledge give it out.
If you have a goal achieve it.
Love, share and distribute, do not keep it inside.
Let’s begin to give. Remove and spread every atom of goodness inside us.
Start the race. Let us Die Empty.

Wednesday, 28 October 2020

उस ने मुझे दर-अस्ल कभी चाहा ही नहीं था
ख़ुद को दे कर ये भी धोका, देख लिया है

-परवीन शाकिर https://t.co/mG8v2ouZYq
[10/25, 7:38 AM] Bansi Lal: मुकाम वो चाहिए की जिस दिन
भी हारु l

उस दिन जितने वाले से ज्यादा मेंरे
चर्चे हो ll
[10/28, 9:07 PM] Bansi Lal: लफ़्ज़ों ने ज़रूर कहा था....... अलविदा !

लेकिन मेरे लहजे ने हाथ जोड़े थे
[10/28, 9:09 PM] Bansi Lal: कैसे भुला दूँ मैं चाहतों का वो मौसम, 

जब मेरी आहों से सुलगती थी साँसें उसकी....
[10/28, 9:16 PM] Bansi Lal: अपने हंसने का वो जुर्माना भरा है हमने

मुस्कुरा के कोई मिलता है तो डर जाते हैं
[10/28, 9:17 PM] Bansi Lal: जो व्यक्ति सोने का बहाना कर रहा हो, 
उसे आप जगा नहीं सकते!
[10/28, 9:17 PM] Bansi Lal: एक बार देख तो लेते, आँखों की उदासियाँ..
मेरी मुस्कराहट से तुम, क्यूँ फरेब खा गए !
[10/28, 9:18 PM] Bansi Lal: दुनिया में नाम कमाने के लिए कभी कोई फूल नहीं खिलता है!
[10/28, 9:19 PM] Bansi Lal: अगर ख़िलाफ़ हैं होने दो, जान थोड़ी है 
ये सब धुआँ है कोई आसमान थोड़ी है 

लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में 
यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है
[10/28, 9:20 PM] Bansi Lal: जनता क्या है ?

एक भेड़ है!
जो दूसरों की ठंड के लिए
अपनी पीठ पर
ऊन की फसल ढो रही है!
[10/28, 9:21 PM] Bansi Lal: बे पिए ही शराब से नफ़रत

ये जहालत नहीं तो फिर क्या है
[10/28, 9:22 PM] Bansi Lal: मैं तुम्हें भूल जाऊंगा एक दिन,

ये ख़्वाब रोज़ देखता हूँ भूल जाता हूँ!
[10/28, 9:22 PM] Bansi Lal: मैं... लिखता जा रहा हूं...
तुम... 

गहरी होती जा रही हो मुझमें...
[10/28, 9:24 PM] Bansi Lal: आज फिर नींद को आँखों से बिछड़ते देखा 

आज फिर याद कोई चोट पुरानी आई
[10/28, 9:25 PM] Bansi Lal: तुम भी इसी हवा में साँस ले रही होंगी कहीं,

चलो  कुछ   तो  है  एक  जैसा हम में
[10/28, 9:25 PM] Bansi Lal: कहां तक साथ चलोगे तुम ?

मैं एक उजड़े हुए शहर का सन्नाटा हूं ,
[10/22, 7:34 AM] Bansi Lal: उसने हँसते हुए तोड़ा था हमारा रिश्ता
हम सभी को ये बताते हुए रो देते हैं
[10/22, 7:35 AM] Bansi Lal: बुरा बुरे के अलावा भला भी होता है
हर आदमी में कोई दूसरा भी होता है
[10/22, 7:37 AM] Bansi Lal: दाँव पर सब कुछ लगा है, रुक नहीं सकते
टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते

-  अटल बिहारी वाजपेयी
[10/23, 10:20 AM] Bansi Lal: कहां तक साथ चलोगे तुम ?

मैं एक उजड़े हुए शहर का सन्नाटा हूं ,
[10/23, 10:22 AM] Bansi Lal: हर एक बात को चुप-चाप क्यूँ सुना जाए 

कभी तो हौसला कर के नहीं कहा जाए
[10/15, 8:55 AM] Bansi Lal: हमने रोती आँखों को हँसाया है हमेशा,

इससे बेहतर इबादत तो होगी नहीं मुझसे...
[10/15, 8:56 AM] Bansi Lal: समंदर से कह दो अपनी मोजैं संभाल कर रखे .. 
यहाँ लोग ही काफी हैं , ज़िन्दगी में तूफ़ान लाने के लिए
[10/15, 8:57 AM] Bansi Lal: “Happiness is the absence of the striving for happiness.”
[10/16, 7:58 AM] Bansi Lal: आईने का जीना भी लाजवाब हैं 
जिसमें स्वागत 
सभी का है लेकिन संग्रह किसी का नहीं.!
[10/16, 8:00 AM] Bansi Lal: हसरतों का हो गया है इस क़दर दिल में हुजूम,

साँस   रस्ता   ढूँढती   है   आने   जाने   के   लिए...
[10/16, 8:02 AM] Bansi Lal: मैं बद-गुमाँ न कभी उस से हो सका.
अजब तरह का मज़ा उस के झूटे प्यार में था..!
[10/16, 8:03 AM] Bansi Lal: "आत्मविश्वास धन का होता है, विद्या का भी और बल का भी, पर सबसे बड़ा आत्मविश्वास नासमझी का होता है!”
[10/15, 8:55 AM] Bansi Lal: हमने रोती आँखों को हँसाया है हमेशा,

इससे बेहतर इबादत तो होगी नहीं मुझसे...
[10/15, 8:56 AM] Bansi Lal: समंदर से कह दो अपनी मोजैं संभाल कर रखे .. 
यहाँ लोग ही काफी हैं , ज़िन्दगी में तूफ़ान लाने के लिए
[10/15, 8:57 AM] Bansi Lal: “Happiness is the absence of the striving for happiness.”
[10/16, 7:58 AM] Bansi Lal: आईने का जीना भी लाजवाब हैं 
जिसमें स्वागत 
सभी का है लेकिन संग्रह किसी का नहीं.!
[10/16, 8:00 AM] Bansi Lal: हसरतों का हो गया है इस क़दर दिल में हुजूम,

साँस   रस्ता   ढूँढती   है   आने   जाने   के   लिए...
[10/16, 8:02 AM] Bansi Lal: मैं बद-गुमाँ न कभी उस से हो सका.
अजब तरह का मज़ा उस के झूटे प्यार में था..!
[10/16, 8:03 AM] Bansi Lal: "आत्मविश्वास धन का होता है, विद्या का भी और बल का भी, पर सबसे बड़ा आत्मविश्वास नासमझी का होता है!”
[10/15, 7:06 AM] Bansi Lal: नहीं बस्ती किसी और की सूरत अब इन आँखों में

काश की हमने तुझे इतने गौर से न देखा होता
[10/15, 7:07 AM] Bansi Lal: प्रश्न को अच्छे से समझ लेना ही आधा उत्तर है।

~ सुकरात
[10/15, 7:08 AM] Bansi Lal: यही है ज़िंदगी कुछ ख़्वाब चंद उम्मीदें 
इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो
[10/15, 7:12 AM] Bansi Lal: तू परहेज़ रख रिश्तों से , 
ये दिल को हर रोज़ ठेस खाना लाज़मी नहीं ।
[10/15, 8:31 AM] Bansi Lal: फ़क़ीर समझते रहे हम खुद को ज़माने से उफ्फ ! 
एक निगाह की जादूगरी !!!!!!

उस एक नज़र ने हमें मालामाल कर दिया !!
[10/14, 7:53 PM] Bansi Lal: जरूरत हूँ या जरूरी,

 न जाने ये कैसा भ्रम है..!!
[10/14, 7:53 PM] Bansi Lal: सफ़र का एक नया सिलसिला बनाना है 

अब आसमान तलक रास्ता बनाना है

what a important story:

#एक_सच्चाई - जिसे चाहो तो आप निकिता हत्याकांड से भी जोड़ सकते हो
जब टाईटेनिक समुन्द्र में डूब रहा था तो उसके आस पास तीन ऐसे जहाज़ मौजूद थे जो टाईटेनिक के मुसाफिरों को बचा सकते थे।

सबसे करीब जो जहाज़ मौजूद था उसका नाम SAMSON था और वो हादसे के वक्त टाईटेनिक से सिर्फ सात मील की दूरी पर था। SAMSON के कैप्टन ने न सिर्फ टाईटेनिक की ओर से फायर किए गए सफेद शोले (जो कि बेहद खतरे की हालत में हवा में फायर किये जाते हैं।) देखे थे, बल्कि टाईटेनिक के मुसाफिरों के चिल्लाने के आवाज़ को भी सुना भी था। लेकिन सैमसन के लोग गैर कानूनी तौर पर बेशकीमती समुन्द्री जीव का शिकार कर रहे थे और नहीं चाहते थे कि पकड़े जाएं, अपने जहाज़ को दूसरी तरफ़ मोड़ कर चले गए।

यह जहाज़ हम में से उन लोगों की तरह है जो अपनी गुनाहों भरी जिन्दगी में इतने मग़न हो जाते हैं कि उनके अंदर से इनसानियत खत्म हो जाती है।

दूसरा जहाज़ जो करीब मौजूद था उसका नाम CALIFORNIAN था, जो हादसे के वक्त टाईटेनिक से चौदह मील दूर था, उस जहाज़ के कैप्टन ने भी टाईटेनिक की ओर से निकल रहे सफेद शोले अपनी आखों से देखे,  क्योंकि टाईटेनिक उस वक्त बर्फ़ की चट्टानों से घिरा हुआ था और उसे उन चट्टानों के चक्कर काट कर जाना पड़ता, इसलिए वो कैप्टन सुबह होने का इन्तेजार करने लगा।और जब सुबह वो टाईटेनिक की लोकेशन पर पहुंचा तो टाईटेनिक को समुन्द्र की तह मे पहुचे हुए चार घंटे गुज़र चुके थे और टाईटेनिक के कैप्टन #Adword_Smith  समेत 1569 मुसाफिर डूब चुके थे।

यह जहाज़ हम लोगों मे से उनकी तरह है जो किसी की मदद करने के लिए अपनी सहूलत और असानी देखते हैं और अगर हालात सही न हों तो अपना फ़र्ज़ भूल जाते हैं।

तीसरा जहाज़ CARPHATHIYA था जो टाईटेनिक से 68 मील दूर था, उस जहाज़ के कैप्टन ने रेडियो पर टाईटेनिक के मुसाफारों की चीख पुकार सुनी, जबकि उसका जहाज़ दूसरी तरफ़ जा रहा था, उसने फौरन अपने जहाज़ का रुख मोड़ा और बर्फ़ की चट्टानों और खतरनाक़ मौसम की परवाह किए बगैर मदद के लिए रवाना हो गया। हालांकि वो दूर होने की वजह से टाईटेनिक के डूबने के दो घंटे बाद लोकेशन पर पहुच सका लेकिन यही वो जहाज़ था, जिसने लाईफ बोट्स की मदद से टाईटेनिक के बाकी 710 मुसाफिरों को जिन्दा बचाया था और उन्हें हिफाज़त के साथ न्यूयार्क पहुचा दिया था।
उस जहाज़ के कैप्टन "आर्थो रोसट्रन " को ब्रिटेन की तारीख के चंद बहादुर कैप्टनों में शुमार किया जाता है और उनको कई समाजिक और सरकारी आवार्ड से भी नवाजा गया था।

हमारी जिन्दगी में हमेशा मुश्किलें रहती हैं, चैलेंज रहते हैं लेकिन जो इन मुश्किल और चैलेंज का सामना करते हुए भी इन्सानियत की भलाई के लिए कुछ कर जाए वही सच्चा इनसान है। 

आज के माहौल में जिस किसी ने भी अपनी सामर्थ्य अनुसार किसी की मदद की है, समझो विश्व रूपी टाइटैनिक के डूबने से पहले उसने जिंदगियां बचाने का पुण्य प्राप्त किया है। अभी संकट दूर नहीं हुआ है। अभी भी बहुत कुछ किया जा सकता है। आओ मिलजुल कर इस मुश्किल घड़ी में एक दूसरे की मदद करें।