[06/12, 8:14 am] Bansi Lal: ढ़लना तो एक दिन सभी को है चाहे इंसान हो या सूरज
मगर हौसला सूरज से सीखो
रोज ढ़ल के हरदिन नई उम्मीद से फिर निकलता है।
[06/12, 8:16 am] Bansi Lal: सब प्रेम नहीं मांगते कुछ तुमसे, तुम्हारी पीड़ा भी मांगते हैं।
मांगने वाले हर व्यक्ति भिक्षुक नहीं होते।
कुछ बुद्ध भी होते है।
[06/12, 8:20 am] Bansi Lal: सामने दुनिया भर के ग़म हैं और इधर इक तन्हा हम हैं
सैकड़ों पत्थर, इक आईना, कब तक आख़िर, आख़िर कब तक ......बचाते रहेंगे।।
[06/12, 8:21 am] Bansi Lal: एक दिन आपका पूरा जीवन एक क्षण के लिए आपकी निगाहों के सामने झलकेगा..................कोशिश करें कि यह देखने लायक हो...!!!
[06/12, 8:22 am] Bansi Lal: रिश्ते और रास्ते तब ख़त्म हो जाते हैँ,
जब पाँव नहीं दिल थक जाते है..
[06/12, 8:30 am] Bansi Lal: दफ़्न कर सकता हूँ सीने में तुम्हारे राज़ को
और तुम चाहो तो अफ़्साना बना सकता हूँ मै
[06/12, 8:35 am] Bansi Lal: कुछ तो अपने लिए भी रखना है,
ज़ख़्म औरों को क्यूं दिखाएं सब
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