Saturday, 12 December 2020

आज तारो भरी रात खिल के मुस्कुरायी है लगता है.

[12/12, 6:13 am] Bansi Lal: आज तारो भरी रात 
खिल के मुस्कुरायी है लगता है....

दूर कही
अपनी बाहें 
फैला रखी है
तुमने ।
[12/12, 6:16 am] Bansi Lal: कितना मुश्किल है देखना उस को 

देख कर मुस्कराना पड़ता है
[12/12, 6:17 am] Bansi Lal: मोहब्बत होगी तो सलामत रहेगी

वरना खेल तो.....खत्म ही होते है......!
[12/12, 6:19 am] Bansi Lal: Successful people ask better questions, and as a result, they get better answers।।
[12/12, 6:30 am] Bansi Lal: मैंने गले में सारे ताबीजे डाल के देखे हैं मगर

जो तेरी यादों को रोक सके वो धागा मिला ही नहीं...
[12/12, 9:33 pm] Bansi Lal: समुंदर को घमंड था कि वह पूरी दुनिया को डुबा सकता है

इतने में एक तेल की बूँद आई और उस पर तैरकर निकल गई
[12/12, 9:35 pm] Bansi Lal: परेशानी के दो मुख्य कारण..

एक हमे तकदीर से ज्यादा चाहिये,
             और
दूसरा हमे वक़्त से पहले चाहिये..
[12/12, 9:35 pm] Bansi Lal: यहीं जज्बा रहा तो 
मुश्किलों का हल भी निकलेगा,

जमीं बंजर हुई तो क्या हुआ 
वहीं से जल भी निकलेगा..
[12/12, 9:51 pm] Bansi Lal: किसी के अंदर जिंदा रहने की ख्वाहिश में....

हम   अपने   अंदर   मर   जाते   हैं....!!!!!!
[12/12, 9:53 pm] Bansi Lal: मुझको पढ़ने वाले कहीं मेरी राह ना चुन लें ,
.
.
आखरी पन्ने मे लिख देना .. मैं इश्क़ हार गया था
[12/12, 9:57 pm] Bansi Lal: दुःख...
जीवन की सबसे छोटी
और सार्थक इकाई है 

और सुख...
उसकी व्याख्या की
व्यर्थ कोशिशें ॥
[12/12, 9:58 pm] Bansi Lal: “वे तमाम संघर्ष जो मैंने नहीं किए

अपना हिसाब मांगने चले आते हैं”
[12/12, 10:16 pm] Bansi Lal: The older i get, the more i learn that some people are not good for me no matter how much i care for them.

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