Wednesday, 28 October 2020

[10/22, 7:34 AM] Bansi Lal: उसने हँसते हुए तोड़ा था हमारा रिश्ता
हम सभी को ये बताते हुए रो देते हैं
[10/22, 7:35 AM] Bansi Lal: बुरा बुरे के अलावा भला भी होता है
हर आदमी में कोई दूसरा भी होता है
[10/22, 7:37 AM] Bansi Lal: दाँव पर सब कुछ लगा है, रुक नहीं सकते
टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते

-  अटल बिहारी वाजपेयी
[10/23, 10:20 AM] Bansi Lal: कहां तक साथ चलोगे तुम ?

मैं एक उजड़े हुए शहर का सन्नाटा हूं ,
[10/23, 10:22 AM] Bansi Lal: हर एक बात को चुप-चाप क्यूँ सुना जाए 

कभी तो हौसला कर के नहीं कहा जाए

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