जिन्दगी की उलझनों ने; कम कर दी हमारी शरारते; और लोग समझते हैं कि; हम समझदार हो गये
Wednesday, 28 October 2020
[10/14, 7:53 PM] Bansi Lal: जरूरत हूँ या जरूरी,
न जाने ये कैसा भ्रम है..!!
[10/14, 7:53 PM] Bansi Lal: सफ़र का एक नया सिलसिला बनाना है
अब आसमान तलक रास्ता बनाना है
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