[11/16, 7:03 AM] Bansi Lal: असत्य अधिक आकर्षक होता है!
[11/16, 7:06 AM] Bansi Lal: मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है,
जैसा वो सोचता है, वैसा वो बन जाता है..
[11/16, 7:11 AM] Bansi Lal: दीवार क्या गिरी मिरे ख़स्ता मकान की
लोगों ने मेरे सेहन में रस्ते बना लिए
(सेहन- सल्तनत, प्रॉपर्टी)
[11/16, 7:12 AM] Bansi Lal: सहनशील होना अच्छी बात है,
पर अन्याय का विरोध करना उससे भी उत्तम है।
[11/16, 7:16 AM] Bansi Lal: इंसान कभी ज़िंदगी में इतना जीत जाता है
कि हारना भूल जाता है।
[11/16, 7:18 AM] Bansi Lal: ‘अयोग्य लोगों की तारीफ़ छिपे हुए व्यंग्य के समान होती है’
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