Friday, 13 November 2020

[11/12, 7:53 AM] Bansi Lal: मैं इतिहास सा था सो विवादित रहा
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वो भूगोल थी .. बदल गयी
[11/12, 7:54 AM] Bansi Lal: जीत की पहली बधाई भी उसी ने दी है,

देखता रहता था जो यार मेरी हार के ख़्वाब
[11/12, 7:54 AM] Bansi Lal: चाँद का ख़्वाब उजालों की नज़र लगता है 

तू जिधर हो के गुज़र जाए ख़बर लगता है।
[11/12, 7:55 AM] Bansi Lal: आप कितना भी शांति को तलाशते रहें पर वो आपके अंदर ही है।
[11/12, 7:56 AM] Bansi Lal: आखों पे भरोसा करना सिखिये..

हर बात की गवाही नहीं दी जाती !
[11/12, 7:57 AM] Bansi Lal: वो इस कमाल से खेला था इश्क़ की बाज़ी

मैं अपनी फ़तह समझता था मात होने तक
[11/12, 7:59 AM] Bansi Lal: दोनों ने किया है मुझ को रुस्वा

कुछ दर्द ने और कुछ दवा ने
[11/12, 8:03 AM] Bansi Lal: मैं दो दिन की ज़िंदगी जी सकता हूँ
एक दिन मैं तुम्हारे पास रहूँगा
दूसरे दिन तुम मेरे पास रहना
ज़िंदगी ऐसी ही बीती
[11/12, 8:24 AM] Bansi Lal: बड़े नादां है जो इस दौर में भी बफ की उमीद करते है

यहाँ दुआ कुबूल न हो तो लोग  भगवान बदल देते हैं
[11/12, 8:27 AM] Bansi Lal: "बफ" की जगह "बफा" पढें
[11/12, 10:05 AM] Bansi Lal: तनाव , व्याकुल्ता(चिंता) और अवसाद (निराशा, उदासी) इन सब का कारण एक ही है:-

निःसन्देह वो सब लोंगो को खुश रखने की कोशिश करना है। 
अतः अपनी मंजिल को ध्यान केंद्रित करें और निसंकोच लोगों की परवाह किये बगैर आगे बढ़ें।
[11/12, 8:25 PM] Bansi Lal: ज़माना बड़े शौक़ से सुन रहा था 

हमीं सो गए दास्ताँ कहते कहते
[11/12, 8:26 PM] Bansi Lal: चल दिया वो साथ मेरा छोड़ कर 

वक़्त ने भी वक़्त पर धोका दिया
[11/12, 8:27 PM] Bansi Lal: खुद को अपनी ही नजरों से गिराना छोड़ दो....

जब लोग तुम्हें ना समझें तो उन्हें समझाना ही छोड़ दो..!!!
[11/12, 8:29 PM] Bansi Lal: ना क़ैद में लेता है ना रिहाई देता है... 

एक शख्स हर जगह दिखाई देता है ...!!

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