Thursday, 21 November 2019

सारी दुनिया की खुशी अपनी जगह …


सारी दुनिया की खुशी अपनी जगह …

उन सबके बीच तेरी कमी अपनी जगह


कभी कभी तो जी करता है..बस लिखता रहूँ..

इसी आस में ....कि काश तुम पढ़ो..!!



सरसरी अंदाज़ से देखोगे तो महफ़िल ही महफ़िल 

ग़ौर से देखोगे तो हर आदमी तन्हा लगेगा...


ज़िंदगी पर ग़ौर करना छोड़ दोगे जब 

आह भी देगी मज़ा और दर्द भी मीठा लगेगा...


सफ़र में अब के अजब तजरबा निकल आया

भटक गया तो नया रास्ता निकल आया

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